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Saturday, January 11, 2014

स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण (वर्षांत समीक्षा-वर्ष-2013)

स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार के संकेतक
1.       शिशु मृत्‍यु दर वर्ष 2005 में प्रति एक हजार जन्‍म पर 58 से कम होकर वर्ष 2012 में 42 तक आ गई।
2.       मातृ मृत्‍यु दर वर्ष 2001-03 में प्रति एक लाख जन्‍म पर 301 से घटकर  2007-09 में 212 तक आ गई।
3.       कुल प्रजनन दर वर्ष 2005 में 2.9 थी, जो कम होकर वर्ष 2011 में 2.4 हो गई।
4.       सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) के तहत भारत में 12-24 महीने की आयु के 61 प्रतिशत बच्‍चों को डिप्‍थीरिया, काली खांसी, टेटनस, पोलियो, खसरा, बचपन में होने वाली तपेदिक के भीषण स्‍वरूप तथा हेपीटाइटेस-बी जैसी सात बीमारियों से बचाव के लिए टीके लगाये गये
5.       पोलियो : विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (डब्‍ल्‍यूएचओ) ने 24 फरवरी, 2012 को भारत का नाम  उन देशों की सूची से हटा दिया जहां पोलियो वायरस संचरण सक्रिय है।
6.       भारत सरकार ने वर्ष 2012-13 को नियमित टीकाकरण तीव्रीकरण (आईआरआई) वर्ष घोषित किया था। कम कवरेज़ वाले इलाकों में रणनीति के तहत वर्ष 2012-13 में विशेष टीकाकरण सप्‍ताह आयोजित किए गये
7.       जापानी एन्‍सेफलाइटिस (दिमागी बुखार) टीकाकरण कार्यक्रम वर्ष 2006 में जापानी एन्‍सेफलाइटिस की चपेट में आए इलाकों में 1 से 15 साल तक की आयु वाले सभी बच्‍चों को सामूहिक टीकाकरण अभियान में शामिल करने की रणनीति के साथ शुरू हुआ

नई पहलें
1.       राष्‍ट्रीय शहरी स्‍वास्‍थ्‍य मिशन
2.   राष्‍ट्रीय बाल स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम (आरबीएसके)
3.       नये टीकों की शुरूआत की गई- हेपिटाइ‍टिस बी का टीका और खसरे के टीके की दूसरी खुराक अब सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम का अंग है। 2011-12 में हेपिटाइटिस बी का टीका पूरे देश में लगाया गया।
4.     पेंटावेलेंट, एक मिश्रित टीका है जिसमें डीपीटी + हेपिटाइ‍टिस बी+ एचआईबी शामिल है।
6.     मातृ एवं नवजात शिशु टेटनस उन्‍मूलन (एमएनटीई)
7. साप्‍ताहिक आयरन और फोलिक एसिड पूरक (डब्‍ल्‍यू आईएफएस) कार्यक्रम-(2012-13)
8. राष्‍ट्रीय आयरन + पहल -(2012-13)
स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय के अधीन विभिन्‍न योजनाओं/कार्यक्रमों में हुई प्रगति
1.       राष्‍ट्रीय ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य मिशन (एनआरएचएम) के तहत प्रगति
§         आशा
2.       जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जेएसएसके)
3.       राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम
4.       बधिरता से बचाव और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम
5.       दृष्टिहीनता के नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम
6.       नेशनल ओरल हेल्थ प्रोग्राम-एनओएचपी
7.       राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम
8.       प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई)
§         नये एम्स
§         भारतीय फार्मेसी परिषद
§         संबद्ध स्वास्थ्य (अर्धचिकित्सा) सेवाओं का विकास
9 . राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (नाको )
10 . आयुष

Friday, January 10, 2014

हैड्रोन बीम थेरेपी तथा कैंसर थेरेपी केंद्र


  कैंसर रोगियों के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकार ने मुंबई के टाटा मेमोरियल सेंटर (टीएमसी) अस्पताल में 450 करोड़ रुपये की लागत से विशेष थेरेपी सुविधा शुरू करने की मंजूरी प्रदान की। अत्याधुनिक हैड्रोन बीम थरेपी( प्रोटोन बीम या हैवी आयन बीम थरेपी) सेंटर को परमाणु ऊर्जा विभाग विकसित करेगा। यह कैंसर के लिए अत्याधुनिक उपचार प्रक्रिया है।  भारत में इस तरह की यह पहली सुविधा है और इससे भारत कैंसर के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधा देने वाले विश्व के चुनिंदा देशों के समूह में पहुंच गया है। 

टाटा मेमोरियल सेंटर ने कैंसर के इलाज में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 6 दशक से अधिक समय पहले भारत में कैंसर अनुसंधान तथा चिकित्सा के अग्रणी केन्द्र के रूप में इस संस्थान की स्थापना हुई और तब से यह संस्थान अपने देश में कैंसर के इलाज में हर प्रकार के मील के पत्थर से जुड़ा रहा है। यह सेंटर भारत में चिकित्सा विज्ञान और इलाज के नये द्वारा खोलने के राष्ट्रीय प्रयास में अग्रणी रहा है। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि कैंसर का इलाज गरीबों के लिए सुलभ बनाने में इस संस्थान की प्रतिबद्धता रही है। यह संस्थान हमारे देश का गौरव है और कैंसर की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए आशा की किरण है। इस केन्द्र ने सचमुच अपने नारे "सेवा, अनुसंधान, शिक्षा" को जीवन्त बनाया है 

कैंसर के अधिकतर मरीजों को इलाज के दौरान रेडिएशन थेरेपी करानी पड़ती है। लेकिन परंपरागत तरीकों की अपनी सीमाए हैं और इनसे आसपास की कोशिकाओं को क्षति पहुंच सकती है। हैड्रोन बीम थेरेपी से सटीक तरीके से इलाज होगा और स्वस्थ कोशिकाओं की क्षति में कमी आएगी। 
यह कैंसर इलाज की तीसरी सुविधा है । 30 दिसम्बर को चंडीगढ़ में होमिभाभा कैंसर अस्पताल तथा अनुसंधान केन्द्र की आधारशिला रखी।  यह संस्थान भी टाटा मेमोरियल सेंटर द्वारा स्थापित किया जा रहा है और यहां मुम्बई की तरह उत्तर भारत में भी मरीजों की चिकित्सा होगी। 03 जनवरी को हरियाणा के झज्जर में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान की आधार शिला रखी। यह कैंसर संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के तत्वावधान में स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा शीघ्र ही विशाखापत्तन में टाटा मेमोरियल सेंटर के क्षेत्रीय केन्द्र का निर्माण शुरू होगा। इससे दक्षिण भारत के मरीजों की सेवा होगी।  
क्षेत्रीय कैंसर केन्द्रों तथा सहायक कैंसर केन्द्रों के समर्थन से राष्ट्रीय कैंसर सेंटर भी स्थापित किया जा रहा है।कैंसर के बारे में सूचनाओं के आदान प्रदान को सुलभ बनाने के लिए नेशनल कैंसर ग्रिड स्थापित किया जा रहा है।